:
Breaking News

नालंदा में गृह प्रवेश समारोह बना खूनी संघर्ष का कारण, युवक की पीट-पीटकर हत्या

top-news
https://maannews.acnoo.com/public/frontend/img/header-adds/adds.jpg

नालंदा जिले के रहुई थाना क्षेत्र स्थित पुनहा गांव में गृह प्रवेश समारोह के दौरान दो पक्षों में हिंसक झड़प हो गई। घटना में 25 वर्षीय युवक रवि कुमार की मौत हो गई, जबकि 8 लोग घायल हुए हैं। पुलिस ने 11 लोगों को हिरासत में लिया है।

नालंदा/आलम की खबर:बिहार के नालंदा जिले से एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने खुशियों के माहौल को पलभर में मातम में बदल दिया। रहुई थाना क्षेत्र के पुनहा गांव में आयोजित गृह प्रवेश समारोह के दौरान दो पक्षों के बीच शुरू हुआ विवाद देखते ही देखते खूनी संघर्ष में तब्दील हो गया। इस हिंसक झड़प में 25 वर्षीय युवक रवि कुमार की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई, जबकि दोनों पक्षों के कई लोग घायल हो गए। घटना के बाद पूरे गांव में तनाव का माहौल है और इलाके में पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है।

जानकारी के अनुसार पुनहा गांव के दूसरे टोले में एक परिवार के यहां गृह प्रवेश का कार्यक्रम आयोजित था। गांव में उत्सव जैसा माहौल था और लोग भोज में शामिल होने के लिए जुट रहे थे। इसी बीच गांव के ही दो गुटों के लोगों के बीच रास्ते में किसी पुराने विवाद को लेकर कहासुनी शुरू हो गई। शुरुआत में लोगों को लगा कि मामला सामान्य बहस तक सीमित रहेगा, लेकिन कुछ ही देर में दोनों पक्षों के लोग आक्रामक हो गए और माहौल बिगड़ने लगा।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार विवाद अचानक इतना बढ़ गया कि दोनों पक्षों के लोग लाठी-डंडों के साथ आमने-सामने आ गए। गांव की गली में चीख-पुकार और भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। महिलाएं और बच्चे डरकर घरों के अंदर छिप गए, जबकि आसपास मौजूद लोग खुद को बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। इसी दौरान हमलावरों ने रवि कुमार को घेर लिया और उसकी बेरहमी से पिटाई कर दी। लोगों ने बीच-बचाव की कोशिश भी की, लेकिन तब तक स्थिति पूरी तरह नियंत्रण से बाहर हो चुकी थी।

घटना में गंभीर रूप से घायल रवि कुमार को परिजन आनन-फानन में इलाज के लिए सदर अस्पताल लेकर पहुंचे। अस्पताल पहुंचने के बाद डॉक्टरों ने जांच की और उसे मृत घोषित कर दिया। जवान बेटे की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। मां-बाप और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव में भी मातम का माहौल बना हुआ है और लोग इस घटना से स्तब्ध नजर आ रहे हैं।

इस हिंसक संघर्ष में दोनों पक्षों के कुल आठ अन्य लोग भी घायल हुए हैं। घायलों का इलाज अस्पताल में चल रहा है, जहां कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है। अस्पताल परिसर में देर रात तक लोगों की भीड़ जुटी रही। घटना के बाद गांव में तनाव को देखते हुए पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है।

मामले की सूचना मिलते ही बिहार पुलिस की टीम रहुई थाना क्षेत्र में पहुंची और हालात को नियंत्रित करने में जुट गई। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी पक्ष के 11 लोगों को हिरासत में लिया है। सभी से पूछताछ की जा रही है और पूरे मामले की गहराई से जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि विवाद की असली वजह क्या थी और हिंसा की शुरुआत कैसे हुई।

सदर डीएसपी-2 संजय कुमार जायसवाल ने बताया कि शुरुआती जांच में मामला आपसी विवाद का लग रहा है। उन्होंने कहा कि पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। गांव में किसी भी तरह की नई अप्रिय घटना को रोकने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि दोनों पक्षों के बीच पहले से भी तनाव की स्थिति बनी रहती थी। हालांकि गांव के बुजुर्गों और सामाजिक लोगों ने कई बार समझौता कराने की कोशिश की थी, लेकिन विवाद पूरी तरह खत्म नहीं हो पाया था। लोगों के अनुसार गृह प्रवेश समारोह के दौरान अचानक हुई बहस ने पुराने तनाव को फिर भड़का दिया और मामला हिंसा तक पहुंच गया।

यह भी पढ़ें: बेतिया के गुरवलिया गांव में सुबह-सुबह ताबड़तोड़ फायरिंग

यह भी पढ़ें: पटना में पूजा करने गई महिला से चेन स्नैचिंग

घटना के बाद गांव में डर और बेचैनी का माहौल है। लोग अपने बच्चों और परिवार की सुरक्षा को लेकर चिंतित दिखाई दे रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि छोटी-छोटी बातों पर बढ़ती हिंसा समाज के लिए गंभीर खतरा बनती जा रही है। कई लोगों ने प्रशासन से गांव में लगातार पुलिस निगरानी बनाए रखने और असामाजिक तत्वों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

सामाजिक जानकारों का कहना है कि ग्रामीण इलाकों में पुराने विवाद और आपसी रंजिश कई बार अचानक हिंसक रूप ले लेते हैं। यदि समय रहते ऐसे मामलों का समाधान नहीं किया जाए तो छोटी बहस भी बड़ी घटना में बदल सकती है। नालंदा की यह घटना इसी बात का उदाहरण मानी जा रही है कि किस तरह सामाजिक तनाव एक परिवार की खुशियों को मातम में बदल सकता है।

राजनीतिक स्तर पर भी घटना को लेकर प्रतिक्रियाएं सामने आने लगी हैं। विपक्षी दल कानून व्यवस्था को लेकर सरकार पर सवाल उठा रहे हैं, जबकि प्रशासन का कहना है कि हालात पूरी तरह नियंत्रण में हैं और दोषियों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस गांव के हर गतिविधि पर नजर बनाए हुए है ताकि तनाव दोबारा न बढ़े।

फिलहाल पुनहा गांव में पसरा सन्नाटा इस घटना की भयावहता को बयां कर रहा है। एक गृह प्रवेश समारोह, जहां खुशियों और उत्सव का माहौल होना चाहिए था, वहां अब मातम और डर का माहौल है। रवि कुमार की मौत ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। अब सभी की नजर पुलिस जांच और आगे की कार्रवाई पर टिकी हुई है।

https://maannews.acnoo.com/public/frontend/img/header-adds/adds.jpg

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *